जिले में आंगनवाड़ी केन्द्रों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर मृणाल मीणा की पहल पर एक अभिनव कदम उठाया गया है। इसके अंतर्गत अब मोबाइल ऐप के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों की दैनिक उपस्थिति की निगरानी की जाएगी।इस नई व्यवस्था के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन केन्द्र में उपस्थित बच्चों की फोटो लेकर मोबाइल ऐप में अपलोड करना होगा। ऐप फोटो के आधार पर बच्चों की संख्या, आंगनवाड़ी केन्द्र की जीपीएस लोकेशन, फोटो लेने की तिथि एवं समय स्वतः दर्ज करेगा। इस डाटा की जिला स्तर पर निगरानी की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसी केन्द्र में किस दिन कितने बच्चे उपस्थित हुए।कलेक्टर के निर्देश पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को इस मोबाइल ऐप के उपयोग के लिए प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इस व्यवस्था से आंगनवाड़ी केन्द्रों में फर्जी उपस्थिति दर्ज होने की संभावना समाप्त हो जाएगी, क्योंकि हर रिपोर्ट जीपीएस लोकेशन और समय के साथ दर्ज होगी, जिससे डाटा में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ संभव नहीं होगी।

           इस ऐप की विशेषता यह है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को केवल एक फोटो खींचकर अपलोड करना होगा, जिसके बाद ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से बच्चों की संख्या का स्वतः आकलन कर लेगा और रिपोर्ट तुरंत अधिकारियों तक पहुंच जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी पोषण योजनाओं का लाभ सही बच्चों तक पहुंचे और सरकारी धन का सही उपयोग हो।आंगनवाड़ी केन्द्रों की निगरानी के लिए RISE Balginti नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, जिसे इंदौर स्थित Rising Dine Private Limited द्वारा विकसित किया गया है। यह भी गौरव की बात है कि मध्यप्रदेश की महिला उद्यमियों द्वारा विकसित यह तकनीक सरकार के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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