परभणी निवासी और मूल रूप से आबेगांव (माजलगांव, बीड) के शेखर शेजुल और ऋतुजा शिंदे ने लातूर जिले के दत्त मंदिर में बेहद सादे और पारंपरिक तरीके से विवाह किया। इस शादी में सिर्फ 25 रिश्तेदार शामिल हुए। न डीजे, न पटाखे, न प्री-वेडिंग और न ही किसी तरह का फिज़ूलखर्च। शादी में बचाई गई राशि को समाज के काम में लगाने का फैसला दोनों परिवारों ने मिलकर लिया। कुल ₹10 लाख की राशि शेखर के मूल गांव की जिला परिषद प्राथमिक स्कूल को दान की गई, जिससे वहां बच्चों के लिए एक आधुनिक कंप्यूटर कक्ष बनाया जाएगा। MBA शिक्षित ऋतुजा शिंदे और उनके परिवार ने भी इस फैसले का पूरा समर्थन किया। यह शादी न सिर्फ एक समारोह थी, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की एक मिसाल भी है। Post navigation छत्तीसगढ़ में ग्रामीण चिकित्सकों तक प्रतिबंधित दवाइयों की सप्लाई एक गंभीर और चिंताजनक विषय है।कुछ दवा एजेंसियों द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी दवाइयाँ पहुँचाए जाने की जानकारी सामने आ रही है, जिससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।यह विषय स्वास्थ्य अधिनियम एवं औषधि कानूनों से जुड़ा हुआ है, जिस पर शासन-प्रशासन का तत्काल ध्यान आवश्यक है।प्रेस रिपोर्टर क्लब शासन-प्रशासन से अपेक्षा करता है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।यदि उचित कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो प्रेस रिपोर्टर क्लब स्वास्थ्य एवं औषधि निरीक्षक को लिखित शिकायत प्रस्तुत करेगा।प्रदेश अध्यक्षप्रेस रिपोर्टर क्लबसंजय सोनी रायपुर साहित्य उत्सव में ‘जशप्योर’ का जलवा: महुआ और मिलेट्स से बने जशप्योर उत्पादों को मिली शानदार प्रतिक्रिया